जानिए संघ एवं भाजपा के बीच समन्वय के लिए नवनियुक्त अरुण कुमार के बारे में

इस सप्ताह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों के दायित्व में परिवर्तन करते हुए 57 वर्षीय सह सरकार्यवाह अरुण कुमार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच समन्वय का दायित्व सौंपा। अब अरुण कुमार (Arun Kumar) संघ एवं भाजपा के बीच नए संपर्क अधिकारी होंगे। वह सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल का स्थान लेंगे जो अब तक भारतीय जनता पार्टी एवं संघ के बीच समन्वय का कार्य देख रहे थे|

सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल 2015 से भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच समन्वय का कार्य देख रहे थे।

संपर्क अधिकारी का दायित्व बहुत महत्वपूर्ण

संघ एवं भाजपा के आपसी ताने-बाने एवं तालमेल को ठीक रखने के लिए संपर्क अधिकारी का दायित्व बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है| संगठनों के बीच में परस्पर समन्वय स्थापित करना संपर्क अधिकारी का दायित्व है| देश, समाज एवं विचारधारा से जुड़े मुद्दों पर संघ के विचार एवं दृष्टिकोण से भाजपा एवं सरकार को अवगत कराना तथा भाजपा एवं सरकार की बात, उनके समक्ष विचारणीय मुद्दों को संघ के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाना, संपर्क अधिकारी का मुख्य दायित्व है| यानी संघ एवं भाजपा के बीच लगातार एवं परस्पर विचारों का जो आदान-प्रदान होता है वह संपर्क अधिकारी के जरिए ही होता है| अब यह दायित्व सह सरकार्यवाह अरुण कुमार निर्वहन करेंगे|

वैसे तो हमेशा से ही भाजपा एवं संघ के बीच समन्वय का दायित्व बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता रहा है| संपर्क अधिकारी का पद बड़ा एवं शक्तिशाली भी| लेकिन जब से भारतीय जनता पार्टी केंद्र की सत्ता में आई है यह दायित्व और भी महत्वपूर्ण हो गया है|

अरुण कुमार मुखरता से रखते है अपनी बात

दिल्ली के रहने वाले सह सरकार्यवाह अरुण कुमार को एक व्यापक दृष्टिकोण रखने वाला परंतु संघ की मूल विचारधारा से बिल्कुल समझौता नहीं करने वाला माना जाता है| वह अपनी बात को मुखरता से रखने के लिए जाने जाते हैं|

पूर्वी दिल्ली के झिलमिल के रहने वाले अरुण कुमार ने दिल्ली के जी बी पंत तकनीकी संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। हिंदी एवं अंग्रेजी पर अच्छी पकड़ रखने वाले अरुण कुमार  बदलती तकनीक के साथ अपने आप को ढालने के लिए जाने जाते है|

जम्मू कश्मीर एवं आंतरिक सुरक्षा पर विशेषज्ञ

दिल्ली में जिला प्रचारक रहे अरुण कुमार को संघ द्वारा विभाग प्रचारक बनाकर के हरियाणा भेजा गया| वहां से उन्हें प्रांत प्रचारक के रूप में जम्मू कश्मीर का दायित्व दिया गया|

जम्मू कश्मीर में 2008 में हुए बाबा अमरनाथ श्राइन बोर्ड आंदोलन में अरुण कुमार ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई| उस आंदोलन को जन आंदोलन बनाने का श्रेय उन्हें ही जाता है|

जम्मू कश्मीर एवं आंतरिक सुरक्षा पर विशेषज्ञ माने जाने वाले अरुण कुमार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 तथा 35a को हटाए जाने में पर्दे के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई|

निभा चुके है अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी

अरुण कुमार ने वर्ष 2013 से 2018 तक संघ के प्रचार विभाग जोकि मीडिया एवं प्रचार का कार्य देखता है वहां पर सह संपर्क प्रमुख के दायित्व का निर्वहन किया| वर्ष 2018 में इन्हें अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व दिया गया|

वर्ष 2021 में बेंगलुरु में आयोजित संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में जब दत्तात्रेय होसबले को सरकार्यवाह चुना गया तो उनकी टीम में अरुण कुमार को भी सह सरकार्यवाह का दायित्व दिया गया|

सीएए विरोधी आंदोलन तथा दिल्ली दंगों को लेकर के वामपंथी नैरेटिव का जवाब देने तथा संघ के नैरेटिव को आगे रखने में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख के रूप में अरुण कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई| इसके लिए परंपरागत मीडिया के अलावा डॉक्यूमेंट्री एवं किताब प्रकाशन का भी सहारा लिया गया|

 


More Related Posts

Scroll to Top