भारतनेट परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने निविदाएं आमंत्रित की

दूरसंचार विभाग की ओर से भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) ने 9 अलग-अलग पैकेजों में 16 राज्यों में 30 साल की रियायती अवधि के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल के माध्यम से भारतनेट (BharatNet) के विकास (निर्माण, उन्नयन, संचालन और रख-रखाव तथा उपयोग) के लिए वैश्विक निविदा आमंत्रित की हैं।

इस परियोजना में केरल, कर्नाटक, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में अनुमानित 3.61 लाख गांवों को शामिल किया जायेगा।

भारतनेट ब्लॉक और ग्राम पंचायतों (जीपी) के बीच ऑप्टिकल फाइबर केबल-ओएफसी (मुख्य रूप से) बिछाकर देश की सभी ग्राम पंचायतों (जीपी) को जोड़ रहा है। भारतनेट का दायरा अब देश के लगभग सभी आबादी वाले 6.43 लाख गांवों (ग्राम पंचायतों सहित) को जोड़ने के लिए बढ़ा दिया गया है।

भारतनेट पीपीपी परियोजना के तहत कार्य के दायरे में शामिल हैं:

● भारतनेट परियोजना (चरण 1 और चरण 2) के तहत शेष बिना सम्पर्क वाली ग्राम पंचायतों और ग्राम पंचायतों से परे सभी आबादी वाले गांवों को जोड़ना।

● मौजूदा भारतनेट नेटवर्क को लीनियर से रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड करना।

● संचालन और रख-रखाव (ओ एंड एम) और मौजूदा तथा साथ ही नए बिछाए गए नेटवर्क का उपयोग।

● इन 16 राज्यों में मौजूदा भारतनेट नेटवर्क इस परियोजना का हिस्सा बन जाएगा। निविदा बोली जमा करने की अंतिम तिथि 24 अगस्त 2021 है।

भारतनेट की यह परियोजना सरकार के प्रभावी वितरण के माध्यम से सामाजिक समावेशन के उद्देश्य को भी पूरा करेगी। ब्रॉडबैंड का उपयोग करने वाली योजनाओं और नागरिक केंद्रित सेवाओं, और ई-गवर्नेंस, ई-शिक्षा, टेली मेडिसिन, ई-बैंकिंग आदि को मजबूत करने के लिए भी यह परियोजना उपयोगी साबित होगी।

भारतनेट अवसंरचना एक मध्यम स्तर का नेटवर्क है जो वर्तमान में सेवा प्रदाताओं को ग्रामीण आबादी-व्यक्तियों, घरों और संस्थानों को सस्ती हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करने के लिए पट्टे पर दिया गया है। भारतनेट सरकार की प्रमुख परियोजना है और इसे 'डिजिटल इंडिया' की रीढ़ माना जाता है, जिसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण भारत के बीच डिजिटल विभाजन को कम करना है।

 


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